कुंवारी बहन की चूत में भाई का मोटा लंड- 1

हॉट बहन की वासना इतनी बढ़ गयी कि वो अपने भाई का लंड लेने की कोशिश में लग गयी. उसे अपने स्तन दिखने लगी. फिर फेसबुक पर दोस्त बनाकर विडियो सेक्स किया.

यह ऑडियो कहानी सुनें.

दोस्तो, मेरा नाम मीना है. मैं दिल्ली की रहने वाली एक लड़की हूं.
मेरी हाइट 5 फिट 3 इंच है व मेरी उम्र 20 साल है.
मेरा फिगर 32-26-34 का है और मैं देखने में बहुत सेक्सी हूं.

मैं कॉलेज में पढ़ती हूँ और अभी मेरा बी.ए. का सेकंड ईयर है.

मेरे घर पर हम चार लोग हैं. मेरी मम्मी, पापा और मेरा बड़ा भाई है.
मेरा भाई मुझसे 2 साल बड़ा है, उसका नाम मनोज है. भाई की हाइट 5 फीट 6 इंच है, वो देखने में देखने में बड़ा ही हैंडसम है.
वह जॉब करता है.

मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड भी है, जिससे मैं काफी बातें करती हूं.

घर पर सब कुछ ठीक ही चल रहा था. मेरी फैमिली मुझ पर बहुत ध्यान रखती है, जिस वजह से मैं ऐसा कुछ गलत नहीं कर सकती.
मैं एक जवान लड़की हूं तो कुछ कुछ करने का मन तो मेरा भी करता है पर डर भी रहता है कि कहीं कुछ हो ना जाए.
इसलिए मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से बात तो करती हूं, लेकिन उससे आगे कुछ भी नहीं कर पाती हूँ.

हालांकि उसने मुझसे कई बार सेक्स के लिए कहा लेकिन मैं नहीं मानी.
एक तो मैं अच्छे घर की लड़की हूं और ऊपर से घर की सख्ती की वजह से सेक्स वगैरह मेरे लिए संभव नहीं है और ये मेरे संस्कार में भी नहीं था.

फिर एक दिन मैंने नेट पर अंतर्वासना पर भाई-बहन की स्टोरी पढ़ी.
पहले तो मैं सोच कर दंग रह गई कि क्या यह सब सच में भी होता है.

एक सेक्स कहानी पढ़ने के बाद मैंने ऐसी बहुत सारी कहानियां पढ़ीं, जिससे मेरे मन में कामुक विचार आने लगे.
हॉट बहन की वासना इतनी बढ़ गयी कि वो अपने भाई से सेक्स करने की बातें सोचने लगी.

मुझे लगने लगा कि कैसे ना कैसे करके मुझे उसके साथ सेक्स करना चाहिए.
मैंने सोचा कि अगर उसके साथ सेक्स किया तो मेरी सेक्स की तमन्ना भी पूरी हो जाएगी और घर की बात घर पर ही रहेगी.

हालांकि मैं अपने भाई से काफी डरती हूं क्योंकि वह थोड़ा कड़क टाइप का बंदा है.
मैं उसे खुलकर नहीं बता पा रही थी कि मुझे उसके साथ सेक्स करना है.

मैंने सोचा कि अगर मैं उसके साथ सेक्स करना चाहती हूं तो मुझे उसके साथ कोई न कोई तरकीब लगानी पड़ेगी.
अब कैसे करूं, ये समझ नहीं आ रहा था.

फिर मैंने एक बात सोची कि पहले मुझे भाई का मन टटोलना चाहिये.

अब जब भी मैं उसे चाय देने उसके रूम में जाती तो देखती कि उसका लंड अक्सर खड़ा रहता था जो मुझे साफ साफ उसके अंडरवियर में उभरा हुआ दिखाई देता था.

मैं बार-बार अपने भाई के लंड को देखती रहती थी.
उसका लंड काफी बड़ा था.

जब सामान्य स्थिति में उसका लंड इतना बड़ा था, तो पूरा खड़ा होने के बाद कितना बड़ा होगा.
यह सोच कर मैं पागल होने लगी.

इसी तरह मैं रोज उसके कमरे में काम करने के बहाने जाती और उसको देखती रहती.

वह जब भी नहाने के लिए जाता और जब वो अपने कपड़े चेंज करता, तो उसका लंड मुझे उसके अंडरवियर से साफ साफ दिखाई देता था.
मैं उसके लंड की ओर देख कर गर्म हो जाती थी.

उसका टाइट तना हुआ लंड कम से कम 8 इंच का होगा.

भाई के नहाकर निकलने के बाद जब मैं नहाने जाती, तो कभी-कभी मुझे अपने भाई का अंडरवियर पड़ा मिल जाता था.
मैं उसकी अंडरवियर को उठा कर लंड की खुशबू सूंघकर मजे ले लेती थी. अपनी जीभ से उसके अंडरवियर को चाट भी लेती थी. अंडरवियर में उसके लंड का वीर्य लगा रहता था.

चाटने और सूंघने के बाद मैं अपने भाई के अंडरवियर को अपनी चूत में रगड़ लेती थी.
उस वक्त मैं अपने भाई के 8 इंच के लंड की कल्पना करती और चूत में उंगली करके अपने आपको शांत कर लेती.

मैं उसके साथ सेक्स तो करना चाहती थी मगर उससे ये सब कैसे कहूँ, ये समझ नहीं आ रहा था.
उससे मैं बहुत डरती थी.

फिर मेरे दिमाग में एक प्लान आया. मैंने सोचा कि क्यों भाई को किसी तरह से पटाया जाए.

अब मैंने छोटे-छोटे कपड़े पहनने शुरू कर दिए. जब भी वह घर पर अकेला होता, मैं उसके रूम में झाड़ू लगाने के बहाने उसको अपने उरोज दिखाया करती थी.

शुरू में वह मेरे मम्मों की झलक को नजरअंदाज कर देता था मगर मैंने ध्यान दिया तो पाया कि मेरा भाई छुप छुप कर मेरी चूचियों को निहारता था.
मैं भी उसको सिग्नल देने लगी.

कभी-कभी वो अपने कमरे में कुछ काम कर रहा होता तो मैं काम करने के बहाने उसके लंड पर अपनी गांड टच कर दिया करती थी.
जिससे मुझे साफ-साफ महसूस होता था कि उसका लंड कड़क हो रहा है.

मैं भाई के लंड से अपनी गांड रगड़ कर अनजान बनी रहती थी.

बस मुझे कैसे ना कैसे करके उसके लंड को देखना था जो अभी तक मैंने उसके कच्छे के ऊपर से ही देखा था.

करीब एक हफ्ते तक मैं उसको अपनी चूचियां ऐसे दिखाती रही थी.
कभी कभी तो मैं थकने का बहाना करके उसके बगल में लेट जाती और उससे चिपक कर अपने आपको गर्म कर लेती.

फिर धीरे-धीरे ये खेल बढ़ने लगा.
वह भी मुझे कभी कभी चिपकने के बहाने टच कर लिया करता.
हालांकि मैं अभी भी पक्का नहीं थी कि भाई का क्या मूड है.

फिर मैंने उसके रूम के बाथरूम में अपनी यूज की हुई ब्रा पैंटी रखनी शुरू कर दी.
मैंने सोचा कि देखती हूँ कि भाई क्या करता है.
मेरा ये आईडिया काम करने लगा.

जब मैं अपनी ब्रा पैंटी धोने के लिए ले गई तो मैंने देखा कि मेरी ब्रा पैंटी पर चिपचिपा सा कुछ लगा हुआ है जो एकदम गाढ़ा सफेद रंग का था.
ये बहुत ही प्यारा रस था.

मुझे पता था कि यह भाई का वीर्य है. मुझे बहुत खुशी हुई कि भाई ने यह सब किया.

मैंने एक ही बार में उसका सारा लगा हुआ वीर्य चाट कर साफ़ कर दिया.
अब इसी तरह मैं रोज अपनी पैंटी के ऊपर से ही चूत में उंगली रगड़ कर अपनी पैंटी उसके बाथरूम में रख देती और अपना सारा चूतरस उस पर छोड़ देती.

जब बाद में मैं अपनी पैंटी को देखती तो उस पर मुझे मेरी चूत के रस से भी ज्यादा और दुगना, गाढ़ा सफेद रंग का वीर्य दिखता था.
इससे मुझे साफ साफ पता चल गया था कि भाई मेरे साथ सेक्स करना चाहता है.

पर अभी भी मुझे बहुत डर लग रहा था कि उसे अपने मन कि बात कैसे बताऊं.

मेरे पास काफी टाइम था. मैं किसी किस्म की जल्दबाजी नहीं करना चाहती थी.

फिर एक रात करीब एक बजे मैं पेशाब करने बाहर गई.
उसके कमरे का दरवाजा खुला हुआ था.
वो अपने कच्छे से लंड निकाल कर सहला रहा था.

मैं देख कर हतप्रभ रह गई.
कितना सलोना लंड था मेरे भाई का … इतना बड़ा उसका 8 इंच का लंड 3 इंच मोटा लौड़ा देख कर मुझे सच में मजा आ गया.

मैं चुपचाप उसका खेल देखती रही.
मेरा भाई फोन में पोर्न देखकर अपना लंड हिला रहा था और ऊपर नीचे कर रहा था.

फोन की लाइट में मुझे उसका लंड साफ साफ दिखाई दे रहा था.
मन तो कर रहा था कि अभी अन्दर घुस जाऊं और भाई के लौड़े को पकड़ कर चूस लूं.

मेरा भाई लगातार अपना लंड हिलाए जा रहा था.
कुछ मिनट बाद वो झड़ गया.
उसका बहुत ज्यादा वीर्य निकला.

उसे पता ना चल जाए, इस डर से मैं वहां से भाग गई और चुपचाप अपने कमरे में आ गई.

वहां मैंने अपने आपको कंट्रोल किया और अपने बाथरूम में जाकर सीन को याद करके अपनी चूत में उंगली करने लगी.

अब मुझे बार-बार उसी के लंड का ख्याल आने लगा.
बस ये लगने लगा कि अब कुछ भी हो जाए, मुझे अपने भाई का लंड लेना ही है. भले ही मेरी वर्जनिटी टूट जाए, चूत फट जाए, कुछ भी हो जाए.

अगले दिन सुबह सब सामान्य था.
मैं पहले की तरह अपने भाई को अपनी चूचियां दिखाती हुई उसके कमरे में झाड़ू लगा रही थी.

मेरा भाई मेरे मम्मों को वासना से घूर रहा था.
ये महसूस करके मैं और भी ज्यादा झुक कर झाड़ू लगाती हुई उसे अपने चूचे साफ-साफ दिखाने की कोशिश कर रही थी.

वो पूरा दिन सामान्य निकला और रात को खाना खाने के बाद मैं अपने रूम में वापस आ गई.

तब तक मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड से चैट कर रही थी.
चैट करते-करते मुझे उसके साथ कुछ मजेदार सा नहीं लग रहा था.

फिर मैं भाई बहन की चुदाई वाली सेक्स कहानी पढ़ने लगी और अपने उंगलियां चूत में अन्दर बाहर करने लगी.

सेक्स कहानी पढ़ते समय अपने भाई के 8 इंच का लंड का ख्याल बार-बार मेरे दिमाग में आ रहा था.

मुझे लग रहा था कि इसी वक्त मैं अपने भाई के कमरे में चली जाऊं … पर मुझे उसके रूम में जाने की हिम्मत नहीं हुई.

फिर मैंने एक फेसबुक पर फेक आईडी बनाई और भाई को रिक्वेस्ट भेज दी.

उसने मेरी दोस्ती स्वीकार कर ली.
अब मैंने उससे सेक्स चैट के लिए कहा.
उसका कुछ रिप्लाई नहीं आया.

मैंने उसे मैसेंजर पर लिखा था कि क्या आप मेरे साथ सेक्स कर चैट करना चाहोगे?
दूसरे दिन सुबह उसका रिप्लाई आया- तुम कौन हो?

मैंने कहा- मैं शिवानी हूं, क्या आप मेरे साथ सेक्स चैट करना चाहोगे?
बिना कुछ सोचे मैंने उसको सीधा वीडियो कॉल कर दिया.
मैंने सोचा कि क्या पता वह लंड दिखा दे.

पर मेरा भाई पूरा कुत्ता था, साला बहुत तेज था.

उसने कुछ नहीं दिखाया और कॉल काट दी.
वो लिख कर बोला- अगर तुम वीडियो कॉल करना चाहती हो तो पहले तुम अपनी चूत और चूची दिखाओ.
मैंने हां कह दी.

मैं बिस्तर में थी.
वीडियो कॉल करते समय मैं कमरे की लाइट भी ऑन नहीं कर सकती थी.
उसका एक कारण ये भी था कि मैं अपने दादा जी और दादी जी के रूम में सोती थी.

फिर मैंने उसे हां कह दी और बिस्तर के अन्दर मैंने अपनी टी-शर्ट ऊपर करके उसे सीधा वीडियो कॉल लगा दिया.
मैंने अपने भाई को अपने बूब्स दिखा दिए.

वह बोला- अरे तुम तो सच में लड़की हो … और दिखाओ ना!
मैंने लिख कर कहा- अब तुम दिखाओ.

भाई बोला- चलो साथ में दिखाते हैं.
फिर उसने अपना तना हुआ लंड अपने कच्छे से बाहर निकाला.

लंड देख कर मैं पागल हो गई.
मैं अपने भाई को अपने चूचे मसल कर दिखा रही थी.

फिर करीबन 5 मिनट बाद उसका सारा माल निकल गया.
उसका मैसेज आया- मुझे अपनी चूत दिखाओ. मुझे तुम्हारे चूचे कुछ देखे देखे से लग रहे हैं.
उसकी इस बात से मैं डर गई और मैंने कॉल काट दी.

थोड़ी देर बाद उसका फिर से मैसेज आया- बोलो ना बाबू क्या हुआ?
मैंने कहा- मैं चूत नहीं दिखा सकती.

वो बोला- क्यों?
मैंने लिखा- तुम खा जाओगे.
वो हंसने लगा.

मैं भी स्माइली भेज कर उसके सामने हंसने लगी.

दोस्तो, मेरा भाई मुझे चोदना चाहता था या नहीं, ये बात अभी तय होनी बाकी थी.
सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊंगी कि मैंने अपने भाई का लंड अपनी चूत में कैसे लिया और चूत की सील फड़वा ली.

आप मेरी हॉट बहन की सेक्स कहानी पर मुझे मेल करें.
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