एक अनजान मर्द से पहली बार गांड मराई

Posted on

Antarvasna Hindi sex stories – Free Sex kahani

बॉटम लौंडा कहानी में पढ़ें कि मुझे लड़कों को देख कर वासना जागने लगी थी. मुझे लड़कों के लंड देखने की इच्छा होती थी. मेरी दोस्ती एक आदमी से हुई, उसने मेरी गांड मारी.

दोस्तो, यह मेरी पहली गे स्टोरी है और यहां अन्तर्वासना पर मैं कोई कहानी पहली बार लिख रहा हूँ.

मेरा नाम जिमी है. मेरी उम्र 19 साल की है, हाइट 5 फुट 7 इंच है. मेरा रंग गोरा है और देखने में बहुत मस्त व चिकना बॉटम लौंडा हूँ.

यह बात तब की है जब मैं 12वीं में पढ़ रहा था.
नई नई जवानी चढ़ी थी तो मुझे मुठ मारने की बहुत आदत ही गई थी.

उसी दौरान मुझमें एक फर्क आने लगा.
मुझे लड़कों को देख कर वासना जागने लगी थी.

मेरे एक टीचर थे जो मुझे कैमिस्ट्री पढ़ाते थे.
वो एकदम लंबे चौड़े और बहुत हैंडसम थे

उनके पढ़ाते समय मैं उनके पैंट की तरफ देखता रहता था.
मैं ये सोचता था कि इनका लंड कितना बड़ा होगा. मैं सोचता था कि अगर इनका लंड देखने को मिल जाए, तो मजा आ जाए.

पर ऐसा कभी नहीं हुआ.

मेरी लंड देखने की प्यास नहीं बुझ पायी और मैं मचलता ही रह गया.
बस मैं ये सोचता था कि सर एक बार मुझे चोद दें, पर ऐसा नहीं हो पाया.

फिर मेरे 12वीं के एग्जाम हो गए और छुट्टियां भी हो गईं.
मैं अपने घर पर रह कर समय व्यतीत करने लगा.

करीब एक महीना गुजर गया.

फिर एक दिन मेरे जीजा जी का फ़ोन आया.
वो जयपुर में जॉब करते हैं और मेरी बहन को लेकर जयपुर में ही रहते हैं.

उन्होंने मेरे घर फ़ोन किया और मेरे पापा से बात की.
जीजा जी ने कहा कि पापा जिमी को घूमने के लिए जयपुर भेज दो.

मेरे पापा ने तो पहले मना कर दिया कि नहीं वो यहां पर एसएससी की तैयारी कर रहा है, उधर जाने से उसको कुछ हासिल नहीं होगा.

मेरे जीजा जी कुछ नहीं बोले.
फिर एक हफ्ते बाद मैंने अपने पापा से कहा- पापा, मैं जयपुर जाना चाहता हूँ.
पापा ने फिर से मना कर दिया.

मुझे उस टाइम बहुत गुस्सा आया.
फिर भी मैं चुप रहा.

फिर मैंने सोचा कि क्यों न मम्मी को पटाया जाए.
मैंने मम्मी से रिक्वेस्ट की कि मम्मी, मेरे जयपुर जाने के लिए पापा को बोलो न.

मम्मी ने पापा से कहा, तो पापा मम्मी की बात मान गए.

मम्मी ने मुझे तुरंत बताया कि पापा मान गए हैं.
इससे पहले कि उनका मन बदल जाए, तुम कल जाने की तैयारी कर लेना.
मैंने मम्मी को थैंक्स बोला और अपनी तैयारी में जुट गया.

मैं अगले दिन का इंतजार कर रहा था.
सुबह सुबह मैंने जीजा जी को फ़ोन किया कि आज मैं जयपुर के लिए निकलूंगा.

जीजा जी बोले- ओके. किस साधन से आओगे, बस से या ट्रेन से?
मैं बोला- आप बताओ किस से आऊं?

जीजा जी ने कहा कि तुम शताब्दी बस से जयपुर आ जाओ.
मैंने बोला- ओके जीजा जी.

मैं शाम को घर से निकला और सुबह जयपुर पहुंच गया.
पिंक सिटी में मुझे बस ने मुझे सिंधी कैम्प में उतारा.

मैंने जीजा जी को फ़ोन कर दिया था, तो वो लेने आ गए थे.

मेरे जीजा जी मानसरोवर में रहते थे.
मैं घर पर गया, तो मेरी दीदी ने चाय पिलाई और मैं आराम करने लगा.

मैं करीब 5 बजे उठा और नहाया.
फिर जीजा जी बोले- चलो तुम्हें घुमा लाते हैं.
मैंने ओके बोला.

दूसरे दिन मैं अपने फ़ोन में फेसबुक चला रहा था.
अचानक एक एड आया.

मैं पहले नहीं जानता था कि ये सब उसमें क्यों आया. वो ब्लूएड का एड था, तो मैंने इंस्टाल कर लिया.

ये एप एक चैटिंग एप था और इसमें ज्यादातर गे लौंडे मिलते थे.
एप इंस्टाल करते समय साधारणतया उसे समझने में कुछ समय लगता है.

मगर जैसे ही मैंने उसमें अपनी आईडी बनाई, उसी समय मुझे इनबॉक्स में एक मैसेज आया.
उसमें हाय लिखा था.
मैंने रिप्लाई दिया.

उसने मुझसे पूछा- टॉप हो या बॉटम?
मैं ये सब नहीं जानता था, तो मैंने बॉटम कह दिया.

कुछ समय बाद समझ में आया कि मेरी किसी से चैट हो रही है. मुझे मजा आ रहा था तो मैं लगा रहा.
उससे मेरी काफी बात होने लगी.

इस तरह से अनजाने में ही मुझे एक दोस्त मिल गया था.
उसी ने मुझे टॉप और बॉटम का मतलब समझाया.

मुझे न जाने क्यों ये सब जानकर गुदगुदी सी होने लगी.

एक दिन उसने मुझसे पूछा कि कभी किसी के साथ किया है?
मैंने कहा- नहीं.

वो बोला- ओके कोई बात नहीं. चलो मैं तुमको सिखा दूंगा कि कैसे करते हैं.
मैंने बोला- ओके.

उसने मुझसे मेरा फोन नंबर मांगा. मैंने दे दिया.
अब हमारी बात सीधे फोन पर होने लगी. वो भी जयपुर में ही रहता था.

फिर एक दिन उसने मुझे रात में मिलने को बुलाया.
मैंने अपने जीजा जी से कहा- मेरा दोस्त यहीं काम करता है. मैं उसके पास जा रहा हूँ.
जीजा जी मान गए.

मैंने कहा- यदि मुझे रात में देर हो गई तो मैं उधर ही रुक जाऊंगा.
जीजा जी ने इस पर भी हां बोल दी.

मैं रात को अपने उस दोस्त से मिलने गया.
वो मुझे लेने एक चौक पर आ गया था. वो दिखने में बड़ा ही आकर्षक था.

हम लोग बाइक से उसके रूम पर गए.
उसने मुझे चाय पिलाई.

हम लोग आपस में बातें करते रहे.
काफी देर हो गयी थी. मुझे नींद आने लगी थी.

वो कहने लगा कि करना नहीं सीखोगे क्या?
मैं बोला- हां सीखना है.

उस वक्त करीब 12:30 बज गया था.
वो मेरे पास बैठा और मुझे देखने लगा.

मैंने हंस कर कहा- ऐसे क्या देख रहे हो यार?

उसने मेरे कंधे पर हाथ रखकर दबाया.
उसका ये स्पर्श मुझे कुछ अजीब सा लगा.
मगर अच्छा लगा तो मैंने उसे रोका नहीं.

फिर उसने मेरी जांघों पर हाथ फेरा.
मुझे और अच्छा लगा.
मैंने कुछ नहीं बोला.

उसने मेरे कान पर किस किया, तो मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा.
उसने पूछा- मजा आ रहा है कि नहीं?
मैंने बोला- हां.

वो बोला- कपड़े उतार दो.
मैंने कहा- लाइट तो बंद कर दो यार.
वो बोला- नहीं ऐसे ही रहने दो.
मैं कुछ नहीं बोला.

उसने मुझे चड्डी के अलावा पूरा नंगा कर दिया और मेरे होंठों को किस करने लगा.
मुझे बड़ा मजा आने लगा.

अब मैं भी उसका साथ देने लगा.
उसने कहा- मेरे कपड़े निकाल दो.

मैंने उसके कपड़े निकाल दिए.
अब हम दोनों अंडर वियर में हो गए थे.

उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और किस करने लगा.
मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

तभी उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रखवा लिया.
मैंने तुरंत उसका लंड अपने हाथ से पकड़ लिया.
उसका लंड काफी बड़ा और मोटा था.

उसने मुझे खड़ा किया और मेरी चड्डी उतार कर मुझे पूरा नंगा कर दिया.

वो मुझसे कहने लगा- लंड चूसना आता है?
मैंने कहा- नहीं यार … मैंने ये सब पहले कभी किया ही नहीं है.
तो वो बोला- आज कर लो.

वो उठा और चड्डी उतार कर जांघों पर कर दी और लंड खुला कर दिया.

क्या लंड था उसका … एकदम मोटा गन्ना सा खड़ा था.
मेरा लंड उसके सामने लुल्ली सा था.

वो मेरे निप्पल चूसने लगा.
मुझे बहुत अच्छा लगने लगा.

जैसे ही मैंने उसकी अंडरवियर उसके पैरों से निकाली उसका 8 इंच का लंड हवा में लहराने लगा.
मैंने लंड हाथ में ले लिया. बड़ा ही तगड़ा लंड था यार.

उसने मुझसे लंड चूसने को कहा.
मैं चूसने के लिए राजी हो गया.
मेरा खुद से मन कर रहा था कि लंड चूस लिया जाए.

जैसे ही मैंने लंड मुँह में लिया, मुझे अजीब सा लगा … पर मुझे चूसने में मजा आ रहा था.
मैं 5 मिनट तक लंड चूसता रहा.
वो भी मेरे सर पर हाथ फेर कर मुझसे लंड चुसवाता रहा.

फिर उसने मुझे कुतिया बनाया और मेरी गांड चाटना शुरू कर दिया.
मुझे बहुत अच्छा लगा.

वो मेरी गांड में जीभ डाल कर छेद चाट रहा था.

हम दोनों वासना में पागल से हो गए थे.
वो मेरी छाती के निप्पल मींजता हुआ मेरी गांड चाट रहा था.

मुझे बेहद सनसनी हो रही थी. मुझे लग रहा था कि ये मेरी गांड में कुछ डाल दे.
उसने मुझसे पूछा- कैसा लग रहा है?

मैंने कहा- कुछ डलवाने का मन कर रहा है.
वो बोला- थोड़ा दर्द होगा, सहन कर लोगी?

उसने जैसे ही मुझे लोगी शब्द कहा, मेरे अन्दर की लड़की जाग गई और मैं उसके सामने लड़की ही बन गई.
मैंने कहा- हां मैं झेल लूंगी, आप डालो.

उसने मेरी गांड में एक उंगली डाल दी.
थूक से चिकनी गांड में उंगली झट से घुस गई.

मुझे मजा आया और मैं सोचने लगी कि दर्द कहां … इसमें तो मजा आया.
कुछ देर बाद उसने दो उंगली पेलीं, तब हल्का सा दर्द हुआ.
मगर तब भी दिमाग में वासना चढ़ी थी, तो झेल गया.

कुछ देर बाद उसने मेरी गांड में तेल लगाया और अपने लंड पर भी लगाया.
उसने मुझसे पीठ के बल लेटने हो कहा, मैं लेट गया.

वो मेरे ऊपर आ गया और मेरे निप्पल पीने लगा.
मुझसे रहा नहीं गया.

मैंने कहा- अब चोद भी दो यार.
उसने मेरी टांगें हवा में उठा दीं और मेरी गांड के छेद पर अपना लंड टिका दिया.

मुझे उसके लंड के सुपारे की गर्मी से लहर सी उठने लगी और और मेरी गांड का छेद खुल बंद होने लगा.
चूंकि उंगली पेलने से मेरी गांड जरा खुल सी गई थी और फिलहाल तेल भी लगा था तो गांड में सुरसुरी हो रही थी.

उसने मेरी दोनों टांगें पकड़ कर अपने कंधे पर रख लीं और एक जोर का झटका दे मारा.
उसके मोटे लंड का आंवले सा सुपारा मेरी गांड के पहले छल्ले को फाड़ कर अन्दर फंस गया था.

जिन्दगी में पहली बार गांड में लंड लिया था तो मेरी आंखों में आंसू आ गए.
मैं दर्द से कराहने लगा.

वो मेरे होंठों को चूसने लगा और मेरी आवाज को दबाने लगा.

उसके होंठ चूसने से मुझे कुछ राहत मिलने लगी.

तभी उसने फिर से एक और झटका मारा और अपना आधा लंड मेरी गांड में पेल दिया.
मैं दर्द से समझो मर गया था.
इतना ज्यादा दर्द हो रहा था, जैसे मेरी जान निकल गयी हो.

अब वो रुका नहीं और मेरी गांड में लंड पेलता चला गया.
उसका पूरा लंड अन्दर चला गया था.

उसी समय उसने तेल की शीशी से तेल टपकाया और लंड आगे पीछे करने लगा.
मुझे लंड चलने से दर्द में राहत मिलने लगी थी.

फिर वो धीरे धीरे प्यार से करता रहा, मुझे भी गांड मरवाने में, बॉटम में मजा आने लगा.

अब मेरे मुँह से ‘आह आह …’ की आवाज निकलने लगी.
वो और जोर से चोदने लगा.

मैं ‘आह आह और चोदो …’ करता रहा और वो चोदता रहा.

करीब 25 मिनट तक उसने जबरदस्त की.
उसके बाद वो मेरी गांड में ही झड़ गया और मेरे ऊपर लेट गया.

बाद में वो मेरी गांड से लंड हटा कर अलग हुआ, तब मैंने देखा कि मेरी गांड से खून निकल रहा था.
मैंने खून साफ किया और मैं भी उससे लिपट कर सो गया.

सुबह मैं अपने जीजा जी के घर आ गया.
मेरी गांड बहुत दर्द कर रही थी. मगर लौंडा करके मेरी सुहागरात बढ़िया मनी थी.

दोस्तो, यह मेरी सच्ची बॉटम लौंडा कहानी है, आपको अच्छी लगी होगी.
तो मेल जरूर करना.
[email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *