शादीशुदा फुफेरी बहन की चूत मस्त चोदी

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हॉट कजिन कहानी में मैंने अपने से छोटी अपनी बुआ की विवाहित बेटी को चोदा. वो बहुत खूबसूरत है. मैं शुरू से उसे चोदना चाहता था पर चोद पाया उसकी शादी के बाद.

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को मेरा नमस्कार.

मेरा नाम समर्थ शर्मा है. मैं पटना, बिहार का रहने वाला हूँ. मेरी उम्र 26 साल की है और मैं एक प्राइवेट कंपनी में अच्छी पोस्ट पर नौकरी करता हूं.

मेरे लंड का साइज 7 इंच है और ये काफी मोटा है.

ये हॉट कजिन कहानी मेरी और मेरी फुफेरी बहन तमन्ना (बदला हुआ नाम) की की है.
मैं उससे 5 साल बड़ा हूँ.

उसका रंग दूध सा सफेद है और वो क़यामत जैसे फ़िगर की मालकिन है.

मेरी बुआ का घर मेरे घर के बाजू में ही है. मेरी और तमन्ना के बीच कभी कभी बात हुआ करती थी, ज्यादातर पढ़ाई से संबंधित.

पहले मेरे मन में उसके लिए कुछ नहीं था.
लेकिन जब से उसने जवानी में कदम रखा, मेरी नजर बदल गयी और मैं उसे चोदने के सपने देखने लगा.

वो कभी कभी मुझसे पढ़ाई के सिलसिले में कॉल या मैसेज किया करती थी.
मैं बातों बातों में उसके रूप और फिगर की तारीफ कर देता था.

वो बस हल्के से मुसकुराती हुई बात को टाल देती थी.

जब कभी वो मेरे घर मुझसे हेल्प मांगने के लिए आती तो मैं किसी बहाने उसे छूने की कोशिश करता था.
उसने भी मुझे ऐसा करने के लिए कभी भी मना नहीं किया.

मैं कभी उसकी चूचियों में अपनी कोहनी रगड़ देता, कभी उसकी पीठ को सहला देता.
लेकिन कभी भी बात इतनी आगे नहीं बढ़ सकी थी जिससे मुझे उसको चोदने का मौका मिल सके.

हालांकि एक बात मुझे समझ आ गई थी कि उसके मन में भी कुछ न कुछ चल रहा था.
अब चूंकि मामला बहन का था इसलिए दोनों तरफ से हिम्मत नहीं हुई थी.

पिछले साल उसकी शादी हो गयी और वो ससुराल चली गयी.
अभी भी कभी कभी हमारी बातें हो जाया करती थीं.

एक दिन रात में बात करते करते मैंने उसे चुम्बन का इमोजी भेजा.
उत्तर में उसने भी मुझे चुम्बन का इमोजी भेजा.

मैंने पूछा- तुमने ये किस कहां दिया?
उसने आंख दबाने वाला इमोजी भेजा और पूछा- आपको किधर लगा?

मैंने कहा- मुझे नहीं मालूम.
उसने कहा- मैंने होंठों पर किस किया.

उत्तर में मैंने भी किस भेजा.
अब उसने मुझसे पूछा- आपने कहां दिया?

मैंने बोला- तुम्हारे बूब्स पर.
वो हंस दी.

मैंने कहा- कैसा लगा?
उसने कहा- गुदगुदी सी हुई.

मैंने कहा- एक बार और करता हूँ तब बताना.
वो बोली- ओके.

मैंने फिर से किस की इमोजी भेजी.
उसने उन्ह आंह लिखा.

मैंने कहा- क्या हुआ?
वो हंस कर बोली- काट क्यों रहे हो?

मैंने कहा- मैंने काटा नहीं है.
वो बोली- काटा ही तो है … काटा नहीं है तो क्या किया है?

मैंने कहा- मैंने चूसा है.
वो बोली- ऐसे चूसा जाता है कहीं?

मैंने कहा- मैं ऐसे ही चूसता हूँ. खींच खींच कर … क्यों तेरा हबी खींच खींच कर नहीं चूसता है क्या?
वो हंस दी.

उसके बाद वो मुझसे और खुल कर बात करने लगी और उस दिन के बाद हम दोनों में की बातें होने लगीं.

धीरे धीरे हम दोनों आपस में एक दूसरे के साथ फोन करने लगे.

अब मैं वो बात लिखता हूँ कि मैंने उसे कब और कैसे चोदा.

तमन्ना की शादी को 6 महीने हुए थे. वो अपने मायके आई थी. उसके घर में माता पिता के अलावा 2 भाई भी थे. माता पिता कुछ दिनों के लिए गांव चले गए थे.

उसके भाई छोटे थे और पढ़ाई करते थे तो वो अपने भाइयों की देखभाल के लिए उनके साथ ही रुक गयी.

उस दिन हमारे रिश्तेदार में किसी के यहां शादी थी.
उनका घर भी पटना में ही है.
मेरे घर से सभी लोग वहीं गए थे और उसके दोनों भाइयों को भी शामिल होने जाना था.

कोरोना खत्म हो चुका था. मगर उसके कारण मुझे घर से काम करने की सुविधा अभी भी मिली हुई थी, तो मैं अभी घर से ही काम कर रहा था और इसी कारण शादी में शामिल नहीं हो सकता था.

शाम 7 बजे तमन्ना का मुझे मैसेज आया कि उसके भाई भी शादी में शामिल होने जा रहे हैं, क्या आप मेरे घर आ सकते हैं.
मैंने कहा- मैं घर आ तो जाऊंगा, पर मुझे इनाम में क्या मिलेगा?

वो बोली- मैं इनाम लेने के लिए बुला रही हूँ, देने के लिए नहीं.
मैंने पूछा- तुझे इनाम में क्या चाहिए?
वो बोली- केला.

मैंने समझ लिया कि आग उस तरफ भी लगी है. आज मिलेगा हॉट कजिन का मजा.

मैंने कहा- दूध पिलाओगी?
वो खुल कर बोली- चूत भी पिलाऊंगी, आप आओ तो!

मैंने कहा- फाड़ दूंगा.
वो बोली- मैं भी फड़वाने को रेडी हूँ.

मैंने कहा- चल अकेली होते ही फोन करना.
वो बोली- हां, भाइयों के जाते ही फोन करती हूँ.

मुझे आज अपनी फुफेरी बहन की चूत का सपना सच होता दिख रहा था.

मैंने तुरंत बुखार का बहाना बना कर 2 घंटा पहले ही छुट्टी ले ली.

उसके भाइयों को जाते ही उसका कॉल आया. मैंने झट से जाकर उसके दरवाज़े पर दस्तक दे दी.
उसने दरवाजा खोला और जल्दी से अन्दर आने का इशारा किया.

मेरे अन्दर जाते ही उसने दरवाजा बंद किया और मुझसे लिपट गयी.
उसकी बड़ी बड़ी चुचियां मेरी छाती से दब रही थीं.
उसके बदन से मादक खुशबू आ रही थी.

मैंने उसे बांहों में भर लिया और उसके होंठों को अपने होंठों के बीच लेकर चुम्बन करने लगा.
मुझे मदहोशी सी छाने लगी.

मैंने उसकी टी-शर्ट में हाथ डाल दिया और उसकी रसीली चूचियों को जोर जोर से मरोड़ रहा था.

वो अपने मुँह से मदहोश कर देने वाली आवाज निकाल रही थी.
मैं उसे भूखे जानवर के जैसे भंभोड़ रहा था.

आधा घंटे के बाद तूफान थोड़ा शांत हुआ तो मैंने उसे गोद में उठाया और बिस्तर पर ले गया.
मैंने उसकी टी-शर्ट और लोअर को निकाल दिया.

उसका संगमरमर सा गोरा बदन ब्रा पैंटी में मेरे सामने था और मुझे पागल बना रहा था.
मैं उसे किसी कामुक मर्द के जैसे खा लेना चाहता था.

फिर मैंने उसकी ब्रा को निकाल दिया और चूचियों को जोर से दबा दिया.

उसके बाद मैंने दांत से खींच कर उसकी पैंटी को उतार दिया.
वो एकदम नंगी हो गई थी.

उसका बेदाग़ जिस्म देख कर मेरे लंड की लंका लग गई थी.
लंड की हालत ऐसी थी कि दीवार में मार दूँ तो कीला सा ठुक जाए.

बहन की चूत एकदम गोरी और सफाचट थी.
उसकी चूत से नमी टपकती हुई साफ झलक दिख रही थी.

मैंने उसकी कमर के नीचे तकिया रखा और पैरों को फैला दिया.
वो अभी कुछ समझ पाती कि मैं अपनी जीभ से उसकी चूत चाटने लगा.

वो मादक आवाज में सीत्कार रही थी, जिससे मेरा जोश और बढ़ रहा था.

उसने अपनी टांगें मेरी गर्दन में लपेट दीं और कमर उठा उठा कर चूत चुसवाने का मजा लेने लगी.

फिर मैंने अपनी जीभ को गोल करके उसकी चूत में डाल दिया और उसकी चूत का रस पीने लगा.

उसकी चूत की खुश्बू ऐसी थी कि किसी को भी पागल कर दे.

थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत में 2 उंगली डाल दीं और जोर जोर से हिलाने लगा.
वो उंगली को बाहर निकालने के लिए छटपटाने लगी लेकिन मैं जोर जोर से चूत में उंगली हिलाता रहा.

उसकी आंखों में आंसू आ गए. फिर उसकी चूत से उंगली निकाल कर मैंने उससे उंगली चाटने बोला.

वो मेरी उंगली चाट कर साफ करने लगी.

चूत को चाटने और उंगली से घायल करने के बाद मैं उसके निप्पल्स को चूसने लगा और चूचियों को दांत से धीरे धीरे काटने लगा.

वो अपने हाथों से अपनी चूचियों को मेरे मुँह में भर रही थी. मैं बड़े प्यार से उसकी गोरी गोरी चूचियों को चूस रहा था.

थोड़ी देर में मैंने अपना लंड उसकी मुँह में डाल दिया और चूसने को बोला.

उसने 15 मिनट तक मेरा लंड चूसा और बोलने लगी- प्लीज, अब नहीं रहा जा रहा मुझे जल्दी से चोद दीजिए.

मैंने थूक लगा कर अपने लंड को और ज्यादा चिकना किया और लंड के सुपारे को उसकी चूत पर लगा दिया.
उसने भी कमर हिला कर चूत के मुँह में लंड का सुपारा सैट कर लिया.

मैंने जोर का धक्का मारा, तो आधा लंड चूत में घुस गया.
उसके मुँह से चीख निकल गयी.

वो दर्द से कराहने लगी और बोली- आपके जीजा का लंड छोटा है और कभी इतनी अन्दर तक नहीं गया.

मैंने उसके दर्द को अनदेखा कर, फिर से एक जोर का धक्का मारा.
मेरा पूरा लंड चूत की गहराई में उतर गया.

फिर मैंने जोर जोर से उसकी शुरू की.
मैं लंड को आधे से अधिक बाहर निकालता और फ़िर झटके से पूरा अन्दर डाल देता.

उसकी मीठे दर्द से भरी आवाजें मुझे कामांध कर रही थीं.

थोड़ी देर में उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी.
मैं उसे चोदते हुए उसकी चूचियों को भी चूस रहा था और दबा रहा था.

काफी देर तक हुई घमासान के बाद मेरा माल निकलने वाला था.
तमन्ना भी दो बार झड़ चुकी थी.

मैंने उससे पूछा कि मैं अपना माल कहां निकालूं?
उसने बोला- चूत में ही निकाल दो.

कुछ मिनट बाद मैं उसकी चूत में झड़ गया और उससे लिपट कर लेट गया.

मैंने उससे उसका अनुभव पूछा, तो बोली- आज पूरी संतुष्टि मिली है. स्वर्ग जैसा अहसास हो रहा है.

कुछ देर बाद मैंने उससे लंड चूसने के लिए कहा.
वो 69 में आ गई और लंड चूसने लगी.

मैंने उसकी चूत को चादर से पौंछा और चूत चाटने लगा.
वो भी अपनी दोनों टांगें मेरे मुँह के दोनों तरफ करके चूत दबा दबा कर चुसवा रही थी.
उसे अपनी चूत चटवाने में बड़ा सुख मिल रहा था.

कुछ ही देर बाद वो मेरे मुँह से अपनी चूत थोड़ा उठा कर बोली- भाई, अब आप अपनी जीभ बाहर निकालो. मैं आपकी जीभ पर चूत घिसूंगी.

मैंने समझ लिया कि ये पक्की रांड हो गई है.
मैं अपनी जीभ बाहर निकाल कर हो गया और वो मेरे जीभ पर अपनी चूत घिसने लगी.

ऐसे करने से उसकी चूत का दाना मेरी जीभ से मस्त रगड़ रहा था.
वो आंह उन्ह करती हुई चूत घिसवाने का और चटवाने का मजा ले रही थी.

मैंने उससे पूछा- क्यों तेरा पति चूत नहीं चूसता?
वो उसे गाली देती हुई बोली- मादरचोद भोसड़ है … भैन के लौड़े को कुछ नहीं आता और न ही लंड में दम है.
मैंने कहा- चल अब मैं ही तेरी चूत का कल्याण करने आ जाया करूंगा.

इस तरह से हम दोनों फिर से गर्मा गए और इस बार वो मेरे लौड़े की सवारी करने लगी.
उसके हवा में उछलते मम्मे मस्त नजारा पेश कर रहे थे.
वो हंस हंस कर मेरे लंड पर झूला झूल रही थी.

मैंने उससे कहा- दूध पिला.
वो मेरे मुँह पर अपने दूध लटका कर गांड हिलाने लगी.
मैं उसके दूध चूसता हुआ उसे चोदने लगा.

उस तरह हम दोनों को करते हुए दो घंटे के करीब हो चुका था.

तीसरी बार लंड का पानी निकला, तो उसने कहा- मेरे भाई थोड़ी देर में आते ही होंगे. अब आप जल्दी से चले जाओ.

मैंने उसके होंठों को जोर से चूमा और अगली के सपने देखते हुए अपने घर आ गया.

प्रिय पाठको, आपको मेरी हॉट कजिन कहानी कैसी लगी, कृपया कंमेंट में जरूर बताइएगा.
आपका अपना समर्थ
नमस्कार.
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